होय विगत कथा है, जोकि गंगा नदी की ओर उतरे एक अपरिचित आदमी नाइन्टिजिरो साहेब की ओर वर्णाई गई। उस कहानीयाँ विचित्र थीं, और हर श्रोता उसमें लुभाया गयी। और ये होय वास्तविकता थी? कि सिर्फ कोई झूठा सपना? इसका उत्तर अभी भी रहस्य है। दक्षिण गंगा नाइन्टिजिरो: इतिहास आणि संस्कृती गंगा नाइ